हिज़बुल्लाह लेबनान की कार्यकारिणी के उप प्रमुख नें कहा है कि यूरोपीय यूनियन की तरफ़ से हिज़बुल्लाह को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किये जाने के बावुजूद क्षेत्र में हिज़बुल्लाह की पॉलीसियों पर किसी तरह का असर नहीं होगा।शेख़ नबील क़ावक़ नें कहा कि ज़ायोनी सरकार नें जो 6यूरोपीय यूनियन के इस क़दम से जो बड़ी उम्मीदें लगा रखी हैं, जान ले कि इस तरह के निर्णय हिज़बुल्लाह को अपनी पॉलीसियां बदलने पर मजबूर नहीं कर सकते। शेख़ क़ावक़ नें यूरोपीय यूनियन के फ़ैसले को आतंकवादी फ़ैसला कहते हुए कहा कि इससे ज़ायोनी सरकार के सामने अमरीका और यूरोप की विकलांगता स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि हिज़बुल्लाह ज़ायोनी बर्बरता के सामने मज़बूत रुकावट है और अमरीका और इस्राईल भी हिज़बुल्लाह के सामने असफल हो चुके हैं।स्पष्ट रहे कि यूरोपीय यूनियन नें अमरीका और ज़ायोनी सरकार के दबाव में आकर हिज़बुल्लाह को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल कर लिया है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों नें यूरोपीय यूनियन के इस निर्णय की आलोचना की है। लेबनान के विदेश मंत्री अदनान मंसूर नें कहा है कि अमरीका और ज़ायोनी सरकार, क्षेत्र के कुछ अरब देश, लेबनान की कुछ राजनीतिक पार्टियों नें हिज़बुल्लाह को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने के लिये अथक प्रयास किये हैं।
28 जुलाई 2013 - 19:30
समाचार कोड: 446473
हिज़बुल्लाह लेबनान की कार्यकारिणी के उप प्रमुख नें कहा है कि यूरोपीय यूनियन की तरफ़ से हिज़बुल्लाह को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किये जाने के बावुजूद क्षेत्र में हिज़बुल्लाह की पॉलीसियों पर किसी तरह का असर नहीं होगा।